फतेहपुर। जनपद के बहुचर्चित ‘आर्यन चाय वाले’ मामले ने अब बड़ा सियासी मोड़ ले लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में मुस्लिम समाज और विभिन्न संगठनों के लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने सपा के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को ढकोसला करार देते हुए जमकर नारेबाजी की।
क्या है पूरा विवाद?
पूरा मामला सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे का है, जहां आर्यन यादव के साथ हुई मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में हाल ही में अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा के पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस बयानबाजी के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
प्रदर्शनकारियों के मुख्य आरोप
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन इस पूरे मामले में एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है।
निष्पक्ष जांच की मांग: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है और घटना के असली तथ्यों को छिपाया जा रहा है।
अखिलेश यादव पर निशाना: प्रदर्शनकारियों ने सपा प्रमुख के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह मामले को राजनीतिक रंग देकर समाज में असंतोष पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा का पीडीए नारा केवल कागजों तक सीमित है।
प्रशासनिक सतर्कता
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस घटना के बाद सुल्तानपुर घोष क्षेत्र में भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।








