फतेहपुर: जिले में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘सपा मीडिया सेल’ के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से हड़कंप मच गया है। यह कानूनी कार्रवाई पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सुल्तानपुर घोष पुलिस ने की है।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की जड़ 20 अप्रैल को सपा मीडिया सेल द्वारा किया गया एक ट्वीट है। इस ट्वीट में पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए गए थे। ट्वीट में दावा किया गया था कि पूर्व मंत्री अवैध खनन और भू-माफियाओं के साथ संलिप्त हैं। इतना ही नहीं, ट्वीट में ‘लूट के पैसे’ को कथित रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और आपराधिक तत्वों को संरक्षण देने जैसे आपत्तिजनक आरोप भी मढ़े गए थे।
मुकदमे में लगीं गंभीर धाराएँ
पूर्व मंत्री की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
धारा 197: मानहानि और प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाना।
धारा 353: भ्रामक जानकारी फैलाना।
धारा 356: अफवाह फैलाना।
धारा 61(2): आपराधिक षड्यंत्र।
अखिलेश यादव के बयान से गरमाया माहौल
यह विवाद उस समय और अधिक गहरा गया जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (आर्यन चाय प्रकरण के दौरान) में धुन्नी सिंह का जिक्र करते हुए उन पर सीधे हमले बोले थे। इसके बाद से ही प्रदेश स्तर पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई थी।
प्रशासनिक रुख
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और ट्वीट की सत्यता व साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी गई है। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में जांच के आधार पर आगे की गिरफ्तारी या कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।








