फतेहपुर (उत्तर प्रदेश): खागा कोतवाली क्षेत्र के नौबस्ता रोड स्थित जंगल में मंगेतर के सामने युवती से सामूहिक दुष्कर्म के जघन्य मामले में फरार मुख्य आरोपी बल्लू सिंगरौर पर पुलिस ने शिकंजा और कड़ा कर दिया है। पुलिस मुख्यालय ने आरोपी पर इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस बीच, सात विशेष टीमें मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान समेत कई राज्यों में आरोपी की तलाश में खाक छान रही हैं।
मध्य प्रदेश के इटारसी में दिखी संदिग्ध लोकेशन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सर्विलांस और मुखबिरों से सूचना मिली है कि मुख्य आरोपी बबलू सिंगरौर को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे प्लेटफॉर्म पर देखा गया है। इस इनपुट के मिलते ही एसओजी (SOG) और सर्विलांस यूनिट को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस आरोपी के रिश्तेदारों के नेटवर्क और मोबाइल लोकेशन को भी खंगाल रही है ताकि उसे जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
अब तक की बड़ी कार्रवाई और पुलिस पर गाज
- निलंबन: घटना के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में देरी और लापरवाही बरतने पर खागा कोतवाली प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कस्बा चौकी इंचार्ज पर भी कार्रवाई की गई है।
- गिरफ्तारी: वारदात में शामिल तीन नामजद आरोपियों में से दो को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
- गैंगस्टर और कुर्की: पुलिस अब आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट लगाने और उसकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्की करने की तैयारी में है। इसके लिए राजस्व विभाग के साथ मिलकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
क्या था मामला?
बीते 24 अप्रैल को एक युवक और युवती रिश्तेदारी में जा रहे थे, तभी नौबस्ता रोड के जंगल में तीन दरिंदों ने उन्हें बंधक बना लिया। आरोपियों ने युवक के सामने युवती से घंटों सामूहिक दुष्कर्म किया, मारपीट की और अश्लील वीडियो भी बनाया। इतना ही नहीं, दरिंदों ने यूपीआई (UPI) के जरिए पीड़ितों से पैसे भी ट्रांसफर करवाए।
“प्रशासन का सख्त रुख”
शासन ने इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। पीड़िता को सुरक्षा के साथ-साथ चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
सियासी उबाल और सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा सरकार को घेरने के बाद विपक्षी दलों का पीड़िता के गांव पहुंचने का सिलसिला जारी है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस हाई अलर्ट पर है। हाल ही में भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जा रहे प्रतिनिधिमंडल को भी पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रोक दिया था।
पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फरार आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा।








