कानपुर (ब्यूरो चीफ – राहुल द्विवेदी):
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के निर्देशन में काम कर रही क्राइम ब्रांच, स्वाट (SWAT) और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखबिर की सटीक सूचना पर टीम ने सचेंडी थाना क्षेत्र में धावा बोलकर टैंकरों से तेल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से तीन शातिर अभियुक्तों को दबोच लिया है, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्य पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे।
गिरफ्तार और फरार अभियुक्तों की पहचान
पुलिस के अनुसार, संयुक्त टीम द्वारा घेराबंदी करके पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
विवेक पाल
नारायण सिंह
रोहित सोनकर
फरार आरोपी: पुलिस ने बताया कि विवेक पांडेय, जीतू चंदेल और गोपी चौहान अभी फरार हैं। इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
भारी मात्रा में तेल और गाड़ियां बरामद
अंजलि विश्वकर्मा (पुलिस अधिकारी) ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में अवैध ईंधन और चोरी के काम में इस्तेमाल होने वाले संसाधन बरामद किए गए हैं।
बरामदगी की सूची:
अवैध ईंधन: लगभग 1400 लीटर डीजल-पेट्रोल (जिसमें दो पूरी तरह भरे ड्रम, एक आधा भरा ड्रम और 20 तेल से भरी पिपिया शामिल हैं)।
चोरी के उपकरण: तेल निकालने वाली मशीन, पाइप, 1 खाली ड्रम और 14 खाली पिपिया।
वाहन: तेल की तस्करी और आवाजाही में इस्तेमाल होने वाली एक सफेद रंग की ओमनी वैन, एक लोडरनुमा ऑटो और एक अपाचे मोटरसाइकिल।
सुनसान इलाकों में खड़े टैंकर होते थे निशाना
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया है कि वे मुख्य रूप से नेशनल हाईवे और सुनसान इलाकों में रात के समय खड़े होने वाले तेल टैंकरों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य कटर और विशेष मशीनों व पाइप के जरिए बेहद कम समय में टैंकरों से सैकड़ों लीटर तेल उड़ा लेते थे। इस चोरी के तेल को बाद में बाजार से कम दामों पर अवैध रूप से बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था।
विधिक कार्रवाई और पुलिस टीम
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
सराहनीय भूमिका: इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में प्रभारी स्वाट टीम मनीष कुमार, उप निरीक्षक मंजेश कुमार, उप निरीक्षक राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, शहवाज खान, अभय सिंह, शैलेंद्र यादव तथा कांस्टेबल अनुराग तोमर, रूपक खोखर, अंकित कुमार, सत्यवीर अवाना और अजित सिंह की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।








