फतेहपुर (किशनपुर)।
क्षेत्र में इन दिनों खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे किशनपुर थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी का खनन धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय प्रशासन की इस अनदेखी के चलते सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण नियमों की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हो रही है सप्लाई
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किशनपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रात-दिन जेसीबी मशीनों को लगाकर धरती का सीना चीरा जा रहा है। आलम यह है कि रोजाना लगभग 500 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवैध रूप से मिट्टी भरकर ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। मुख्य मार्गों पर तेज रफ्तार से दौड़ते ये ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली न सिर्फ सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, बल्कि आए दिन राहगीरों के लिए बड़े हादसों का सबब भी बन रहे हैं।
प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका, ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार स्थानीय स्तर पर की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। माफियाओं के रसूख और प्रशासनिक शिथिलता के कारण अवैध खनन का यह खेल बेखौफ होकर फल-फूल रहा है। बड़े पैमाने पर हो रहे इस अवैध खनन ने क्षेत्रीय पुलिस और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है: “मिट्टी लदे ओवरलोड ट्रैक्टरों के कारण धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे सांस लेना दूभर हो गया है। बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन क्यों हैं?”
कार्रवाई का इंतजार
देखना यह है कि मामले की खबर सुर्खियां बनने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित थाना पुलिस इस अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाती है, या फिर खनन माफिया इसी तरह बेखौफ होकर सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते रहेंगे।








