रिपोर्ट: सत्येंद्र कुमार वर्मा (धाता)
धाता (फतेहपुर)। क्षेत्र के भूला मोड़ स्थित एक निजी क्लीनिक में कथित लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात शिशु की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। वहीं, क्षेत्र में बिना मानकों के धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पतालों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धाता थाना क्षेत्र के केटमई गाँव निवासी राजेंद्र कुमार प्रजापति की पत्नी सविता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने भूला मोड़ के पास स्थित ‘मदर्स क्लीनिक’ में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में मौजूद स्टाफ और कथित डॉक्टरों ने बिना सही जांच और पुख्ता इंतजामों के महिला का इलाज शुरू कर दिया।
इलाज के दौरान अचानक महिला और उसके नवजात शिशु, दोनों की मौत हो गई। मौतों की खबर मिलते ही पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रशासन पर गलत इलाज और घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
परिजनों ने थाने में दी तहरीर, जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया। पीड़ित पक्ष द्वारा धाता थाने में मामले की लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने और वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि:
बिना मानक के संचालन: भूला मोड़ और उसके आसपास के इलाकों में ऐसे कई क्लीनिक और अस्पताल बिना किसी वैध डिग्री या मानकों को पूरा किए धड़ल्ले से चल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग मौन: नियमों को ताक पर रखकर मौत का खेल खेल रहे इन तथाकथित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आखिर मौन क्यों हैं?
अवैध क्लीनिकों की बाढ़: क्षेत्र में लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं के बावजूद इन झोलाछाप सेंटरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।
बड़ा सवाल: आखिर कब तक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की इस चुप्पी की कीमत मासूम मरीजों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी? क्षेत्र की जनता अब इस ‘मौत के खेल’ के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की मांग कर रही है।








