ब्यूरो रिपोर्ट राहुल द्विवेदी कानपुर
कानपुर। शहर की रफ्तार को थामने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता को निजात दिलाने के लिए कानपुर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। शुक्रवार को पुलिस उपायुक्त (यातायात) रवीन्द्र कुमार ने खुद सड़क पर उतरकर “Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme” के तहत शहर के कई अति-संवेदनशील चौराहों और तिराहों का मैराथन निरीक्षण किया।
डीसीपी ट्रैफिक के इस औचक मुआयने के बाद विभाग में खलबली मच गई है और जाम के झाम को खत्म करने के लिए बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इन ‘चोक पॉइंट्स’ पर पहुंचे डीसीपी, परखा जाम का कारण
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने शहर के उन मुख्य चौराहों और तिराहों का गहनता से जायजा लिया, जहां अमूमन पीक ऑवर्स में गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इस सूची में शामिल प्रमुख स्थल रहे:
चार्लीश चौराहा और पनचक्की चौराहा
नरौना चौराहा और रॉकेट तिराहा
फूलबाग चौराहा और चेतना चौराहा
सरसैया घाट चौराहा और मधुबन तिराहा
सद्भावना चौराहा और परेड चौराहा
इन सभी जगहों पर डीसीपी ने सड़क पर वाहनों के वास्तविक दबाव, बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन, अवैध पार्किंग और सड़कों को छोटा करने वाले अतिक्रमण का ऑन-स्पॉट बारीकी से अवलोकन किया।
चौराहों से 100 मीटर दूर रुकेंगे ऑटो-ई रिक्शा, हटेगा अतिक्रमण
यातायात को सुचारू बनाने के लिए डीसीपी रवीन्द्र कुमार ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि:
100 मीटर का नो-स्टॉपिंग ज़ोन: ई-रिक्शा, ई-ऑटो और टेम्पो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन किसी भी मुख्य चौराहे के 100 मीटर के दायरे में सवारी बैठाने या उतारने के लिए नहीं रुकेंगे। उन्हें इसके बाहर ही सवारी उतारने और बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करानी होगी।
अवैध पार्किंग पर कड़ा एक्शन: सड़कों के किनारे या नो-पार्किंग ज़ोन में अनावश्यक रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सीधे विधिक कार्रवाई की जाए।
चोक पॉइंट्स का खात्मा: जिन जगहों पर सड़कों की चौड़ाई कम होने या अवैध कब्जों के कारण बोतल का गला (Bottle-neck) बनता है, उन कारणों को तत्काल दूर किया जाए ताकि राहगीरों का यात्रा समय कम हो सके और यातायात का प्रवाह बेहतर हो।
एम्बुलेंस को मिलेगी प्राथमिकता, लागू होगा विशेष प्रबंधन
डीसीपी यातायात ने स्पष्ट किया कि “रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन (RTC) स्कीम” का एकमात्र मूल मंत्र शहरवासियों को एक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित सफर देना है। इसके लिए ट्रैफिक लाइट मैनेजमेंट और चौराहों पर विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी।
“सड़क पर सबसे पहला हक आपातकालीन वाहनों का है। एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन गाड़ियों को ट्रैफिक जाम में न फंसना पड़े, इसके लिए विशेष यातायात प्रबंधन लागू करने पर बल दिया गया है। सभी ऑन-ड्यूटी यातायात कर्मियों को मुस्तैदी से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”
— रवीन्द्र कुमार, डीसीपी यातायात, कानपुर








