फतेहपुर। चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगे गए पीड़ितों का सब्र अब जवाब देने लगा है। जिले में ठगी का शिकार हुए सैकड़ों लोग पिछले 22 महीनों से लगातार नहर कॉलोनी परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बुधवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए पीड़ितों ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी।
प्रमुख मांगें और आरोप
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार के जिलाध्यक्ष अम्बिका प्रसाद के नेतृत्व में जुटे पीड़ितों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ज्ञापन में प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की गई है:
बड्स एक्ट 2019 का कार्यान्वयन: पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमा राशि का भुगतान ‘बड्स एक्ट 2019’ के तहत सुनिश्चित किया जाए।
एजेंटों का पुनर्वास: बेरोजगार हुए एजेंटों की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें दोबारा रोजगार देने का लिखित आदेश जारी हो।
आवेदन प्रक्रिया: जनपद की तीनों तहसीलों में आवेदन पटल (डेस्क) खोले जाएं, जहाँ आवेदन जमा करने के बाद मुहर-हस्ताक्षर के साथ रसीद दी जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: जिन कंपनियों के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है, उनके दोषियों को सजा मिले और जिन पर अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है, उन पर बड्स एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
फर्जीवाड़े पर लगाम: पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जनपद में आज भी नई फर्जी कंपनियां खोलकर जनता को लूटा जा रहा है। उन्होंने इन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रशासन के प्रति नाराजगी और बहिष्कार की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने अफसोस जताते हुए कहा कि पिछले 22 महीनों से उनका आंदोलन जारी है, लेकिन आज तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आया, जो कि आम जनता के साथ घोर अन्याय है। पीड़ितों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समय रहते निस्तारण नहीं किया गया, तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। साथ ही, जब तक उनका भुगतान सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
इस प्रदर्शन के दौरान संरक्षक सूरजदीन विश्वकर्मा, सतीश कुमार विश्वकर्मा, हरिओम प्रजापति, चन्द्रशेखर प्रजापति, बिंदा प्रसाद, राजेन्द्र लोधी, रामस्वरूप वर्मा और दीपक सैनी समेत बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के सदस्य मौजूद रहे।








