रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, कानपुर
कानपुर: रेल बाजार थाना क्षेत्र के प्रमुख टाटमिल चौराहे पर रात होते ही कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ने लगती हैं। यहाँ ऑटो चालकों की मनमानी, नशेबाजी और जुए की गतिविधियों ने स्थानीय लोगों और यात्रियों का जीना दूभर कर दिया है। शहर के व्यस्ततम चौराहों में शुमार टाटमिल पर असामाजिक तत्वों का कब्जा होने से आम जनता में भारी आक्रोश है।
अवैध संचालन और नाबालिगों का दबदबा
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, रात के समय यहाँ करीब 20 से 25 ऑटो का जमावड़ा लगा रहता है। आरोप है कि इनमें से कई चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं, तो वहीं कई ऑटो नाबालिगों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। बिना किसी खौफ के चल रहे इन ऑटो चालकों ने चौराहे की व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया है।
नशे और जुए का केंद्र बना चौराहा
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि देर रात चौराहे पर खुलेआम शराब और गांजे का सेवन किया जाता है। यही नहीं, कुछ ऑटो चालक यहाँ बाकायदा जुए की फड़ जमाते हैं। नशे में धुत ये लोग न केवल राहगीरों से अभद्र व्यवहार करते हैं, बल्कि आए दिन आपस में भिड़ने और मारपीट करने से भी गुरेज नहीं करते। बसों से उतरने वाली महिला यात्रियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यहाँ का माहौल बेहद असुरक्षित हो गया है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस बाबत कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई के कारण स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। चौराहे पर व्याप्त इस ‘गुंडागर्दी’ के कारण शाम ढलते ही लोग यहाँ से गुजरने में भी डरने लगे हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि टाटमिल चौराहे पर तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने मांग की है कि:
बिना वैध दस्तावेजों वाले और नाबालिग चालकों के ऑटो जब्त किए जाएं।
नशेबाजी और जुआ खेलने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
चौराहे पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि राहगीर सुरक्षित महसूस कर सकें।








