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वाराणसी। भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को अत्याधुनिक, समावेशी और तकनीक-समृद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, आईएमएस-बीएचयू (IMS-BHU) के रीजनल रिसोर्स सेंटर (ईस्टर्न रीजन) द्वारा ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल स्वास्थ्य एवं टेलीमेडिसिन’ पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। 14 से 16 फरवरी 2026 तक चले इस सम्मेलन ने चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के मेल से भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं का नया रोडमैप तैयार किया।
नीति और तकनीक का अनूठा संगम
आयुर्विज्ञान संस्थान, बीएचयू के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रख्यात चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने शिरकत की। सम्मेलन का मुख्य केंद्र ‘डिजिटल हेल्थ मिशन’ के तहत AI जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को आम जनमानस की चिकित्सा सेवा से जोड़ना रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचेगी उच्च स्तरीय चिकित्सा
विशेषज्ञों ने टेलीमेडिसिन, ई-संजीवनी, AI आधारित डायग्नोस्टिक्स और टेली-एविडेंस जैसे विषयों पर गहन मंथन किया। सम्मेलन में यह बात उभरकर आई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकें ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। मंत्रालय के मार्गदर्शन में इन पहलों ने देश में पारदर्शी और किफायती इलाज की नींव मजबूत की है।
दिग्गज विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन: सम्मेलन का शुभारंभ भारत सरकार की माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा किया गया।
विशिष्ट अतिथि: उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मंत्री डॉ. दया शंकर मिश्रा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
संरक्षण: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में इस आयोजन को अकादमिक दृढ़ता मिली।
विशेष उपस्थिति: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की निदेशक सुश्री रीना आशीष विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
कुशल प्रबंधन और संकल्प
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशि प्रकाश मिश्रा एवं डॉ. साक्षी अग्रवाल द्वारा किया गया। सम्मेलन के संयोजक श्री अमित मिश्रा (समन्वयक, आरआरसी-ईस्ट टेलीमेडिसिन) ने आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा और क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाई।
सम्मेलन का समापन डॉ. नीलेश कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी विशेषज्ञों ने संकल्प लिया कि संस्थान और नीति-निर्माता मिलकर भारत को डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाएंगे, ताकि “सर्वे सन्तु निरामयाः” की परिकल्पना धरातल पर
साकार हो सके।








