फतेहपुर। जनपद में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा सनसनीखेज मामला सराय इदरीश थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक 13 वर्षीय अज्ञात बच्चे की गर्दन रेतकर उसे मौत के घाट उतारने की कोशिश की गई। खून से लथपथ बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
घटना का विवरण: रूह काँप देने वाली वारदात
जानकारी के अनुसार, सराय इदरीश थाना क्षेत्र के एक गांव के पास स्थित तालाब और घने जंगल में हमलावर ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
हमला: अज्ञात हमलावर ने धारदार छुरी से बच्चे का गला रेत दिया।
संघर्ष: लहूलुहान हालत में बच्चा जान बचाने के लिए जंगल से रेंगते हुए मुख्य मार्ग तक पहुँचा और सड़क किनारे गिर गया।
रेस्क्यू: राहगीरों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने घायल बच्चे को आनन-फानन में सीएचसी हदगांव पहुँचाया, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
मौके से मिली छुरी और खून से सनी चप्पलें
पुलिस को तफ्तीश के दौरान जंगल के भीतर दिल दहला देने वाले साक्ष्य मिले हैं। घटनास्थल पर जगह-जगह खून के छींटे, बच्चे की चप्पलें और हमले में इस्तेमाल की गई छुरी बरामद हुई है। इससे साफ जाहिर है कि हमलावर बच्चे की हत्या करने के इरादे से ही आया था।
24 घंटे में वारदातों की बाढ़, दहशत में जिला
फतेहपुर में पिछले 24 घंटों का रिकॉर्ड डराने वाला है:
दो बच्चों की हत्या: बीते एक दिन में दो मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं।
वृद्ध की हत्या: एक बुजुर्ग को भी मौत के घाट उतार दिया गया।
ताजा मामला: अब इस 13 वर्षीय बच्चे पर जानलेवा हमला।
जनता में आक्रोश: स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है। हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। जिले में भय का माहौल है और लोग अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में डर रहे हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
![]()
लगातार हो रही जघन्य वारदातों ने पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोल दी है। अभी तक न तो हमलावर की पहचान हो पाई है और न ही हमले के पीछे के कारणों का पता चला है। क्या पुलिस इन बेखौफ अपराधियों पर नकेल कस पाएगी या फतेहपुर यूं ही अपराध की आग में जलता रहेगा?









