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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने आज एक महत्वपूर्ण उद्घोषणा (Proclamation) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिका में आयात (Import) होने वाली सभी वस्तुओं पर अस्थायी रूप से अतिरिक्त सीमा शुल्क लगा दिया गया है। इस फैसले का सीधा असर वैश्विक व्यापार और भारत सहित दुनिया भर के निर्यातक देशों पर पड़ने की संभावना है।
150 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा नया नियम
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित इस प्रोक्लेमेशन के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं पर 10% ‘एड वैलोरम’ (Ad Valorem) इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई गई है। यह एक अस्थायी व्यवस्था है जो आगामी 150 दिनों तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का यह कदम घरेलू उद्योगों को मजबूती देने और व्यापार संतुलन को सुधारने की दिशा में देखा जा रहा है।
24 फरवरी से बदल जाएंगे नियम
यह नई टेम्पररी इम्पोर्ट ड्यूटी 24 फरवरी को रात 12:01 बजे (ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम – EST) से आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी। इस समय सीमा के बाद अमेरिका की सीमा में प्रवेश करने वाले शिपमेंट पर 10% अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
प्रमुख बिंदु:
अतिरिक्त शुल्क: आयातित वस्तुओं के मूल्य पर 10% की वृद्धि।
प्रकार: एड वैलोरम (वस्तु के घोषित मूल्य के आधार पर)।
अवधि: 150 दिन (अस्थायी)।
प्रभावी समय: 24 फरवरी, रात 12:01 बजे (EST)।
वैश्विक बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के इस अचानक फैसले से वैश्विक शेयर बाजारों और सप्लाई चेन में हलचल मच सकती है। चूंकि यह शुल्क लगभग सभी आयातित वस्तुओं पर लागू होने की संभावना है, इसलिए इससे अमेरिका में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और अन्य देश भी जवाबी कार्रवाई के तौर पर अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगा सकते हैं।
व्यापार जगत के लिए बड़ी चुनौती: आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि चीन, यूरोपीय संघ और भारत जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदार इस 10% अतिरिक्त शुल्क पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।








