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मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस की साख पर बट्टा लगाने वाले दो दरोगाओं के पाप का घड़ा आखिरकार भर गया। मेरठ के लोहियानगर थाने में तैनात दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन पर एक टेक्सटाइल कारोबारी को अगवा कर, उसे एनकाउंटर और रासुका (NSA) का डर दिखाकर 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने का संगीन आरोप है।
📍 घटना की पूरी पटकथा: किडनैपिंग से वसूली तक
मामला 8 दिसंबर का है। मेरठ में MMRS टेक्सटाइल नाम की फर्म चलाने वाले कारोबारी रासिख अपनी दुकान से घर जा रहे थे। रास्ते में दोनों दरोगाओं ने उन्हें रोककर जबरन अपनी कार में बैठा लिया और हापुड़ की ओर ले गए।
टार्चर और धमकी: रास्ते भर कारोबारी को प्रताड़ित किया गया। दरोगाओं ने कहा, “तू टेरर फंडिंग करता है, तुझ पर रासुका लगाएंगे। या तो 50 लाख दे, वरना यहीं एनकाउंटर कर देंगे।”
सौदेबाजी: मौत के खौफ से डरे कारोबारी ने हार मान ली। सौदा 20 लाख में तय हुआ। रासिख के बहनोई नईम ने आनन-फानन में 14 लाख रुपये का बैग दरोगाओं को सौंपा। बाकी के 6 लाख रुपये भी 6 दिन बाद पहुंचा दिए गए।
दिल्ली ब्लास्ट का डर: पैसे लेने के बाद दरोगाओं ने धमकाया कि अगर मुंह खोला, तो दिल्ली ब्लास्ट के केस में फंसा देंगे।
🕵️ पुलिस अफसरों का ‘मास्टरस्ट्रोक’: जाल बिछाकर उगलवाया पैसा
काफी समय तक खौफ में रहने के बाद कारोबारी रासिख ने हिम्मत जुटाई और SP सिटी आयुष विक्रम सिंह को आपबीती सुनाई। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इन भ्रष्ट दरोगाओं को पकड़ने के लिए जाल बुना। अफसरों ने दरोगाओं को भरोसे में लेकर कहा कि “पैसे वापस कर दोगे तो कार्रवाई नहीं होगी।” लालच और डर में आए दरोगाओं ने जैसे ही 14 लाख रुपये वापस किए, पुलिस को सबूत मिल गया। 6 फरवरी को दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिसके बाद दोनों फरार हो गए।
⚖️ हाईकोर्ट के बाहर से हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों दरोगा इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाने प्रयागराज पहुंचे थे। मेरठ पुलिस को इसकी भनक लग गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी की और दोनों को दौड़ाकर गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई: दोनों दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल दोनों सलाखों के पीछे हैं और विभाग उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।








