असोथर (फतेहपुर): बाँदा जनपद के मर्का क्षेत्र स्थित खंड संख्या-3 (पहलवान ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड) से संचालित मोरंग खदान आज असोथर नगर पंचायत के लिए काल बन चुकी है। खदान से निकलने वाले ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टरों ने कस्बे की सड़कों को ‘मौत के गलियारे’ में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।
हादसों की खौफनाक हैट्रिक: बाल-बाल बच रही जानें
पिछले एक हफ्ते के भीतर हुए सिलसिलेवार हादसों ने क्षेत्र में प्रशासनिक मुस्तैदी की पोल खोलकर रख दी है:
22 फरवरी: सिंघुतारा पुलिया के पास ओवरलोड ट्रैक्टर का धुरा टूटा, ट्रॉली पलटी। स्कूली बच्चों की मौजूदगी न होने से टला बड़ा हादसा।
24 फरवरी: सुजानपुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार ट्रक ने नेक्सन कार को मारी टक्कर। एयरबैग ने बचाई चालक की जान।
26 फरवरी (बुधवार तड़के): पुत्तू बाबा के डेरा के पास अनियंत्रित ट्रैक्टर 11 हजार वोल्ट के बिजली पोल से टकराया। खंभे के परखच्चे उड़े, बड़ा विद्युत हादसा होते-होते बचा।
प्रशासनिक मौन पर उठते गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे ओवरलोडिंग का यह खेल बेखौफ चल रहा है। न तो ट्रकों की तौल की जा रही है और न ही आबादी वाले क्षेत्र में इनकी रफ्तार पर कोई अंकुश है। ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी जनहानि की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जनता में भारी आक्रोश
नगर वासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इन ओवरलोड वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध और खदान संचालन की उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। लोगों ने चेतावनी दी है कि अब होने वाले किसी भी हादसे की सीधी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।








