नई दिल्ली | 26 फरवरी 2026
लोकसभा सचिवालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को पद से हटाए जाने के अनुरोध के आधारों की जांच के लिए गठित समिति का पुनर्गठन किया है। भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 की उप-धारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया है。
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
पुनर्गठित समिति में देश के प्रतिष्ठित कानूनी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की गहन जांच करेंगे। समिति के सदस्य निम्नलिखित हैं:
माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार: उच्चतम न्यायालय, भारत।
माननीय न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर: मुख्य न्यायाधीश, बम्बई उच्च न्यायालय।
श्री बी.वी. आचार्य: वरिष्ठ अधिवक्ता, कर्नाटक उच्च न्यायालय।
अधिसूचना की मुख्य बातें
यह अधिसूचना 25 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली से जारी की गई है।
यह कदम 12 अगस्त, 2025 को जारी पिछली अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए उठाया गया है।
समिति का गठन न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को पद से हटाए जाने के अनुरोध के आधारों की जांच के प्रयोजनार्थ किया गया है।
इस आधिकारिक दस्तावेज पर लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं।
क्या है प्रक्रिया?
न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत, यह समिति आरोपों की सत्यता की जांच करती है और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। यह प्रक्रिया उच्च न्यायपालिका में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक ढांचे के भीतर अपनाई जाती है।








