लिवर कैंसर से जंग हार गए खानचंद सिंह; पिता के निधन के बावजूद मैदान पर डटे रहे रिंकू
नई दिल्ली/नोएडा (स्पोर्ट्स डेस्क): भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और ‘फिनिशर’ के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिंकू सिंह के पिता, खानचंद सिंह का निधन हो गया है। वे लंबे समय से लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में चल रहा था इलाज
रिंकू के पिता का इलाज पिछले काफी समय से ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में चल रहा था। उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी, जिसके चलते रिंकू सिंह हाल ही में उनसे मिलने अस्पताल भी पहुंचे थे। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
दुख के बीच ‘मैदान पर डटे’ रहे रिंकू: कर्तव्य की मिसाल
इस खबर का सबसे भावुक पहलू यह है कि एक तरफ रिंकू के पिता जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ रिंकू राष्ट्रीय कर्तव्य को प्राथमिकता दे रहे थे। गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान रिंकू सिंह को मैदान पर फील्डिंग करते देखा गया था। पिता की गंभीर स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना समर्पण दिखाया, जो उनके साहस और मजबूती को बयां करता है।
संघर्षों का रहा है नाता
रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का जीवन संघर्षों भरा रहा है। उन्होंने गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करके अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने का सपना देखा था। रिंकू अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के संघर्षों को देते आए हैं।
“पिता का साया उठना किसी भी बेटे के लिए सबसे अपूरणीय क्षति है। रिंकू सिंह ने जिस साहस के साथ इस मुश्किल घड़ी में खुद को संभाला है, वह सराहनीय है।”
पूरा क्रिकेट जगत और उनके प्रशंसक इस दुख की घड़ी में रिंकू सिंह और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। इंडिया वार्ता न्यूज परिवार खानचंद सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।








