रायबरेली: एआरटीओ प्रवर्तन पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप, डंपर मालिक के साथ बहस का वीडियो वायरल

 

रायबरेली। जनपद में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एआरटीओ (प्रवर्तन) उमेश कटियार और एक डंपर मालिक के बीच रुपयों के लेन-देन को लेकर तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। इस घटना ने विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की चर्चाओं को हवा दे दी है।

क्या है पूरा मामला?

अमेठी निवासी डंपर मालिक विक्रम सिंह ने एआरटीओ उमेश कटियार पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विक्रम सिंह का दावा है कि:

उनके डंपर को नियम विरुद्ध तरीके से इसलिए सीज किया गया क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर मांगी गई सुविधा शुल्क (रुपये) देने से मना कर दिया था।

आरोप है कि सड़क पर चल रहे अन्य ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से मोटी धनराशि लेकर छोड़ दिया जाता है, जबकि नियम मानने वालों को परेशान किया जा रहा है।

वायरल वीडियो में कथित तौर पर इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होता दिख रहा है।

एआरटीओ ने आरोपों को नकारा

दूसरी ओर, एआरटीओ प्रवर्तन उमेश कटियार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद करार दिया है। उनका कहना है कि:

डंपर के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह विभागीय नियमों के तहत है।

वायरल वीडियो को काट-छांट कर गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है ताकि उनकी छवि धूमिल की जा सके।

विभाग अवैध संचालन और ओवरलोडिंग के खिलाफ निष्पक्ष रूप से अभियान चला रहा है।

प्रशासनिक चुप्पी और जनचर्चा

वीडियो वायरल होने के बाद से ही जिले के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है, हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या जांच के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टर्स के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

नोट: वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी आधिकारिक तौर पर होनी शेष है।

India Varta News
Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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