नई दिल्ली/रियाद: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट ने अब रईसों और रसूखदारों के बीच भारी अफरा-तफरी पैदा कर दी है। ‘डेली मेल’ की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, युद्धग्रस्त क्षेत्रों और पड़ोसी खाड़ी देशों में फंसे दुनिया के सबसे अमीर लोग वहां से सुरक्षित निकलने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं।
हवाई सेवाएं बंद, प्राइवेट जेट ही एकमात्र सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक, तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल उड़ानें लगभग पूरी तरह से निलंबित हो गई हैं। ऐसी स्थिति में ‘सुपर-रिच’ लोग प्राइवेट जेट का सहारा ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक बार की सुरक्षित निकासी के लिए लोग £260,000 (लगभग ₹3.2 करोड़) तक की भारी-भरकम राशि खर्च करने को तैयार हैं।
रियाद बना ‘एग्जिट पॉइंट’, नियमों में ढील
इस संकट के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद दुनिया भर के रईसों के लिए मुख्य निकास मार्ग (Exit Route) बनकर उभरी है। सुरक्षा की तलाश में भाग रहे लोगों की सुविधा के लिए सऊदी अरब ने अपने वीज़ा नियमों में भी ढील दी है, ताकि लोग आसानी से वहां पहुँच सकें और आगे की यात्रा कर सकें।
मुख्य बिंदु:
महंगा सफर: कमर्शियल उड़ानें बंद होने से प्राइवेट जेट की मांग और कीमतों में भारी उछाल।
लागत: एक ट्रिप के लिए ₹3.2 करोड़ तक का भुगतान कर रहे हैं अमीर।
प्रमुख रूट: रियाद को सबसे सुरक्षित निकास द्वार माना जा रहा है।
वीज़ा रियायत: सऊदी प्रशासन द्वारा यात्रा नियमों को लचीला बनाया गया।








