नई दिल्ली: साल 2026 की एक बड़ी खगोलीय घटना के रूप में आज दुनिया के कई हिस्सों में पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) दिखाई देगा। विज्ञान और खगोल शास्त्र में रुचि रखने वालों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर है, जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की ओट में छिप जाएगा।
कैसे घटती है यह घटना?
खगोलविदों के अनुसार, इस घटना के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की घनी छाया (Umbra) से होकर गुजरेगा। इस प्रक्रिया में चंद्रमा आकाश में दाएं से बाएं ओर बढ़ता हुआ दिखाई देगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग अक्सर गहरा लाल या तांबे जैसा (Blood Moon) हो जाता है, जो देखने में बेहद आकर्षक लगता है।
भारत में समय और अवधि
भारत में इस दुर्लभ खगोलीय घटना का समय दोपहर से शुरू होकर शाम तक रहेगा:
शुरुआत: दोपहर 3:20 बजे।
समाप्ति: शाम 6:47 बजे।
(नोट: चूंकि भारत में इस दौरान दिन का उजाला रहेगा, इसलिए देश के अधिकांश हिस्सों में पूर्ण ग्रहण के शुरुआती चरण नग्न आंखों से दिखाई नहीं देंगे, लेकिन शाम को चंद्रोदय के समय देश के पूर्वी हिस्सों में इसकी झलक मिल सकती है।)
मुख्य बिंदु:
दुर्लभ घटना: चंद्रमा पृथ्वी की छाया के बिल्कुल केंद्र से गुजरेगा।
दिशा: चंद्रमा का संचलन दाईं से बाईं ओर होगा।
दुनियाभर में असर: एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में यह दिखाई देगा।








