रिपोर्ट महेश चक्रवर्ती असोथर
असोथर/फतेहपुर: जहाँ एक ओर पुलिस और प्रेस के बीच अक्सर तनाव की खबरें सुर्खियाँ बनती हैं, वहीं जनपद के असोथर थाने से आपसी विश्वास और भाईचारे की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। होली के पावन पर्व पर थाना परिसर में रंग-गुलाल नहीं, बल्कि ‘अपनत्व’ की खुशबू महकती नजर आई।
🌸 थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर की अनूठी पहल
असोथर थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर ने परंपराओं से हटकर क्षेत्र के सभी कलमकारों (पत्रकारों) को थाना परिसर में आमंत्रित किया। उन्होंने न केवल पत्रकारों का स्वागत किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर सभी पत्रकार साथियों को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। थाना परिसर में मिठाइयों और हंसी-ठिठोली के बीच खाकी और कलम का यह संगम चर्चा का विषय बना रहा।
🤝 “लोकतंत्र के दो मजबूत स्तंभ एक साथ”
इस अवसर पर थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा:
“पुलिस और पत्रकारिता समाज के वो दो पहिए हैं, जिनके बिना शांति और व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। हम दोनों का लक्ष्य समाज की सेवा और जागरूकता है। ऐसे आयोजन आपसी संवाद की खाई को पाटते हैं और विश्वास को मजबूत करते हैं।”
📸 सकारात्मकता का संदेश
पत्रकारों ने भी थाना प्रभारी के इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें गुलाल लगाया और क्षेत्र में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के प्रयासों को सराहा। इस दौरान थाने का समस्त स्टाफ और क्षेत्रीय पत्रकार मौजूद रहे।
इण्डिया वार्ता का नजरिया:
जब अधिकारी और पत्रकार एक-दूसरे के कार्य का सम्मान करते हुए त्यौहार मनाते हैं, तो इसका सीधा लाभ जनता को मिलता है। असोथर थाने का यह माहौल पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल है कि “संवाद से हर विवाद सुलझाया जा सकता है।”

प्रकाशन: इण्डिया वार्ता न्यूज़ डेस्क








