बेतिया (बिहार) | विशेष ब्यूरो
बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण बेतिया में देखने को मिला है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Team) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता (Assistant Engineer) रोशन कुमार को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।
💸 10% कमीशन का ‘फिक्स रेट’ और करोड़ों का खेल
पकड़े गए इंजीनियर साहब पर आरोप है कि वे विकास कार्यों के भुगतान के बदले ठेकेदारों से 10 प्रतिशत कमीशन की मांग करते थे। निगरानी टीम ने जाल बिछाकर पांच लाख रुपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया, लेकिन असली धमाका तो उनके आवास की तलाशी के दौरान हुआ।
🏠 आवास से बरामद हुआ ‘नोटों का ढेर’
गिरफ्तारी के बाद जब निगरानी विभाग की टीम ने रोशन कुमार के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां नोटों की गड्डियां देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
नकद बरामदगी: आवास से 42.5 लाख रुपये कैश बरामद किए गए।
कुल रिकवरी: रिश्वत की राशि मिलाकर अब तक कुल 47.5 लाख रुपये जब्त किए जा चुके हैं।
⚖️ निगरानी विभाग की पैनी नज़र
निगरानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से रोशन कुमार की कार्यशैली पर संदेह था। शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। फिलहाल इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी संपत्तियों की जांच जारी है।
इण्डिया वार्ता का कड़ा सवाल:
शिक्षा विभाग, जिसका काम भविष्य संवारना है, वहां जब अभियंता ही ‘कमीशन’ की वसूली में लग जाएं, तो स्कूलों की गुणवत्ता का क्या होगा? क्या इस भ्रष्ट तंत्र में रोशन कुमार अकेले खिलाड़ी हैं या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है?
रिपोर्ट: क्राइम डेस्क, इण्डिया वार्ता न्यूज









