रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से जबरन और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ के गदागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजौली गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा था। हिंदू संगठनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस अवैध गतिविधि का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला और पादरी समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ खुलाशा? (पूरी घटना)
जानकारी के अनुसार, सुजौली गांव में पिछले कुछ समय से एक घर के भीतर संदिग्ध रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं। बुधवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बाहर से आए कुछ लोग वहां एकत्रित हुए थे। आरोप है कि यहाँ लोगों को बीमारी ठीक करने का झांसा और आर्थिक मदद का लालच देकर हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था।
जब इसकी भनक बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को लगी, तो उन्होंने मौके पर पहुँचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर देखा कि वहां धार्मिक प्रचार-प्रसार की सामग्री और कुछ आपत्तिजनक साहित्य भी मौजूद था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना और सहयोगियों सहित 12 लोगों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं:
अमर सिंह (मुख्य आरोपी/पादरी) – फतेहपुर निवासी
सुमन (महिला आरोपी) – सुजौली निवासी (जिनके घर सभा हो रही थी)
विजय कुमार – रायबरेली
संजय मौर्य – सलोन
अंकित – लालगंज
सुनील कुमार – डलमऊ
(इसके अलावा 6 अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है)
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए गदागंज थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
सीओ लालगंज ने बताया कि “सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छापेमारी की थी। मौके से भारी मात्रा में धार्मिक साहित्य और अन्य सामग्रियां बरामद हुई हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि इस सिंडिकेट के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।”
क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा
इस घटना के बाद इलाके में हिंदू संगठनों में काफी रोष है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर गांव में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।








