फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के लिए गर्व का क्षण है। जनपद की दो होनहार बेटियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले और अपने परिवार का नाम पूरे देश में रोशन किया है। ग्राम मौजमाबाद की शांभवी तिवारी ने जहाँ ऑल इंडिया 46वीं रैंक के साथ IAS बनने का सपना पूरा किया, वहीं यमुना तटवर्ती ऐतिहासिक गांव एकडला की रंजना सिंह सेंगर ने 629वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
शांभवी तिवारी: 464वीं से 46वीं रैंक तक का सफर
फतेहपुर के मौजमाबाद निवासी सुशील कुमार तिवारी एवं निवेदिता तिवारी की सुपुत्री शांभवी तिवारी ने अपनी मेहनत से शीर्ष रैंक हासिल की है।
अदम्य साहस: शांभवी ने पिछले वर्ष (2024) भी 464वीं रैंक के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिसके बाद उन्हें रेलवे सेवा (IRTS) आवंटित हुई थी।
बड़ी उपलब्धि: रेलवे में चयन के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी। इस वर्ष उन्होंने छलांग लगाते हुए सीधे 46वीं रैंक हासिल की।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: शांभवी के माता और पिता दोनों वर्तमान में उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उनकी इस सफलता से पूरे जनपद में हर्ष का माहौल है।
रंजना सिंह सेंगर: मिट्टी की महक से प्रशासनिक शिखर तक
यमुना तटवर्ती ऐतिहासिक गांव एकडला (वर्तमान खागा) की मिट्टी में पली-बढ़ी रंजना सिंह सेंगर ने भी UPSC की कठिन डगर को पार कर लिया है।
रैंक: रंजना ने ऑल इंडिया 629वीं रैंक हासिल की है।
प्रेरणा: एक ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास करना क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। रंजना के IAS बनने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
जनपद में खुशी की लहर
इन दोनों बेटियों की सफलता पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर भी शांभवी और रंजना की सफलता की कहानियां छाई हुई हैं। यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता कदम जरूर चूमती है।
“बेटियों की यह सफलता न केवल उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे फतेहपुर जनपद के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।”








