ब्यूरो रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी, कानपुर
कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसे संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर उन्हें अपराध की दलदल में धकेल रहा था। यह गिरोह नौकरी का झांसा देकर युवाओं को कंबोडिया भेजता था और वहां उनसे जबरन साइबर ठगी करवाता था।
नौकरी का लालच और फिर कंबोडिया में शोषण
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी पहले स्थानीय युवाओं को विदेश में आकर्षक वेतन वाली नौकरी का लालच देकर लाखों रुपये वसूलते थे। कंबोडिया पहुँचने के बाद इन युवाओं के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें वहां एक बंद कमरे में बैठकर भारतीयों के साथ ही साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया जाता था। इनकार करने पर उनका मानसिक और शारीरिक शोषण भी किया जाता था।
बेकनगंज पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देशों के बाद सेंट्रल जोन डीसीपी और एसीपी के नेतृत्व में एक विशेष रणनीति तैयार की गई। बेकनगंज थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाया और गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया।
इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में बेकनगंज थाना प्रभारी मतीन खान, सर्विलांस प्रभारी लोकेंद्र सिंह, लवकुश मिश्रा, नवीन कुमार, राहुल अग्रहरि और पंकज की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। पुलिस अब इन आरोपियों के मोबाइल डेटा और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही है ताकि गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा सके।
बड़ा नेटवर्क आने की उम्मीद
पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों और ट्रैवल एजेंटों के नाम सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस फरार अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि विदेश में नौकरी के किसी भी संदिग्ध विज्ञापन के झांसे में न आएं और पहले उसकी पूरी पड़ताल कर लें।








