आदर्श सिंह, ब्लॉक संवाददाता – असोथर/फतेहपुर
असोथर: संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर मंगलवार को असोथर नगर पंचायत में श्रद्धा और उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा। सामाजिक जन जागृति समिति के तत्वाधान में आयोजित इस भव्य समारोह में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में अनुयायियों ने भाग लिया।
प्रमुख मार्गों से गुजरी भव्य शोभायात्रा
शोभायात्रा का शुभारंभ वार्ड किलापर से हुआ। गाजे-बाजे और महापुरुषों की मनमोहक झांकियों के साथ यह यात्रा सब्जी मंडी, ब्लॉक मुख्यालय, बस स्टॉप, प्रताप नगर झाल तिराहा, थरियांव मोड़, बैरहना, विधातीपुर, मुराइन मोहल्ला, गढ़ी, मिश्रन मोहल्ला, अंबेडकर नगर, सर्वोदय इंटर कॉलेज और मस्जिद मोहल्ला होते हुए पुनः किलापर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में डॉ. अंबेडकर के साथ-साथ गौतम बुद्ध, झलकारी बाई कोरी, बीबी फातिमा शेख, ललई सिंह यादव, रामास्वामी पेरियार और सावित्री बाई फूले की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
जगह-जगह हुआ स्वागत और प्रसाद वितरण
नगर भ्रमण के दौरान स्थानीय समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शरबत, पेठा, हलुआ और पूड़ी-सब्जी के स्टाल लगाए गए। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी नरेंद्र प्रजापति और सोनू वर्मा के नेतृत्व में स्टाल लगाकर लोगों को शरबत पिलाया।
इनकी रही मुख्य उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल संचालन सामाजिक जन जागृति समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर:
नगर पंचायत अध्यक्ष: नीरज सिंह सेगर
प्रमुख अतिथि/सहयोगी: अजय विक्रम सिंह, संजीव सिंह मोनू, सूरजभान पाल (अध्यक्ष), फूलचंद्र वर्मा (उपाध्यक्ष), रमेश पासवान और सोनू वर्मा।
अन्य सहयोगी: सर्वेश मोदनवाल, शिवबरन निषाद (त्यागी बाबा), सुनील पासवान व सभी वार्डों के सभासद मौजूद रहे।
देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम
शोभायात्रा के समापन के बाद रात्रि में विशेष कीर्तन और गायकी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलाकारों ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी और उनके संघर्षों को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसे सुनने के लिए देर रात तक जनसमूह उमड़ा रहा।
प्रशासन रहा मुस्तैद
इतनी बड़ी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए थाना प्रभारी धीरेन्द्र ठाकुर अपने पुलिस बल के साथ पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद रहे। प्रशासन की सतर्कता के चलते पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।








