फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के 12वीं वाहिनी पीएसी, फतेहपुर के परेड ग्राउंड पर रविवार को रिक्रूट आरक्षी प्रशिक्षण (RTC) की पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) डॉ. संजीव गुप्ता रहे। कार्यक्रम में सेनानायक मनोज कुमार अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति में नव आरक्षियों ने देश सेवा की शपथ ली।
नवनिर्मित मंच का उद्घाटन और परेड निरीक्षण
मुख्य अतिथि डॉ. संजीव गुप्ता के आगमन पर उनका पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने परेड ग्राउंड पर नवनिर्मित मंच का उद्घाटन कर उसे वाहिनी को समर्पित किया। परेड की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि को दी गई सलामी से हुई, जिसके बाद उन्होंने जीप पर सवार होकर रिक्रूटों की टोली का बारीकी से निरीक्षण किया।
अनुशासन और कौशल का बेजोड़ संगम
पासिंग आउट परेड के दौरान 576 रिक्रूट आरक्षियों ने सुसंगत प्लाटूनों में विभाजित होकर मार्च पास्ट किया। उनके कदमताल और शस्त्र संचालन के तालमेल ने वहां मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान:
शपथ ग्रहण: रिक्रूटों को संविधान और कानून के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने की शपथ दिलाई गई।
पुरस्कार वितरण: विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को सम्मानित किया गया।
प्रस्तुति: धीमी चाल से मार्च पास्ट और शस्त्र सलामी के जरिए रिक्रूटों ने अपनी कड़ी ट्रेनिंग का परिचय दिया।
शिवम यादव और प्रशांत सिंह रहे अव्वल
प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले जवानों को मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया।
इनडोर (अकादमिक) सर्वश्रेष्ठ: शिवम यादव
आउटडोर (फिजिकल) सर्वश्रेष्ठ: प्रशांत सिंह
बता दें कि कुल 576 रिक्रूटों में से 569 आरक्षी सफलतापूर्वक पास होकर पुलिस बल का हिस्सा बने हैं, जबकि 8 रिक्रूटों को पूरक प्रशिक्षण के लिए दोबारा भेजा गया है।
“अनुशासन और समर्पण ही एक कुशल पुलिसकर्मी की पहचान है। मुझे विश्वास है कि यहाँ से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले जवान पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे।”
— डॉ. संजीव गुप्ता, मुख्य अतिथि (ADG)
इनकी रही उपस्थिति
इस ऐतिहासिक आयोजन में उपसेनानायक विजय कुमार चौधरी, सहायक सेनानायक रविंद्र प्रसाद सिंह, नीरज कुमार, मुकेश सिंह, महितोष कुमार, सत्येंद्र सिंह, कुलदीप पुष्पांकर और सूबेदार मेजर सतीश प्रजापति समेत वाहिनी के तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।








