कानपुर ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर, 26 मई 2026
कानपुर की रेलबाजार थाना पुलिस ने एक मूक-बधिर (बोलने और सुनने में अक्षम) युवक के साथ हुई लूट की वारदात का महज़ 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से लूटी गई नकदी, पीड़ित के कपड़े और सबसे महत्वपूर्ण—उसकी सुनने की मशीन (हियरिंग एड) भी बरामद कर ली गई है।
क्या था पूरा मामला?
मूल रूप से कल्याणपुर के रहने वाले दीपक कुमार (मूक-बधिर) के साथ बीते 13 मई को छिनैती और लूट की यह वारदात अंजाम दी गई थी। पीड़ित के दिव्यांग होने के कारण मामले की जानकारी देरी से पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पीड़ित की बहन नीलम देवी की तहरीर पर रेलबाजार थाने में बीते 24 मई को मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।
मुखबिर की सूचना पर सीओडी पुल के पास घेराबंदी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रेलबाजार थाना प्रभारी निरीक्षक अमान सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस लगातार संदिग्धों और ऑटो चालकों पर नजर रख रही थी।
इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि घटना में शामिल ऑटो चालक इलाके से भागने की फिराक में है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीओडी (COD) पुल के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया और घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
आरोपी की पहचान और बरामदगी
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान मुकीम (निवासी: बेगमपुरवा, बाबूपुरवा, कानपुर) के रूप में हुई है। पुलिस ने जब आरोपी की कड़ाई से तलाशी ली और उसकी निशानदेही पर छापेमारी की, तो उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ:
नकदी: लूटे गए ₹2,700 नगद।
सामान: पीड़ित की अटैची और कपड़े।
मेडिकल उपकरण: पीड़ित युवक की सुनने की मशीन (हियरिंग एड)।
वाहन: वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो (जिससे वह सवारी बैठाकर लूट करता था)।
कोर्ट ने भेजा जेल
रेलबाजार थाना पुलिस ने आरोपी मुकीम के खिलाफ कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दिव्यांग युवक से हुई इस क्रूर लूट का महज 24 घंटे में पर्दाफाश करने पर स्थानीय लोगों ने रेलबाजार पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।








