कानपुर ब्यूरो चीफ: राहुल द्विवेदी
कानपुर। थाना शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल, कमिश्नरेट कानपुर नगर की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 06 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को पुलिस, सीबीआई तथा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाते थे। इसके बाद पीड़ितों से बड़ी रकम वसूलकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
जांच में खुलासा हुआ कि ठगी से प्राप्त धनराशि को पी2पी ट्रेडिंग के माध्यम से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित कर ट्रांसफर किया जाता था, जिससे धन के स्रोत को छिपाया जा सके।
एनसीआरपी और प्रतिबिंब पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार यह गिरोह पिछले लगभग तीन वर्षों से सक्रिय था और देशभर में करीब 2,500 लोगों को निशाना बनाकर 15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। गिरोह ने लेनदेन के लिए 450 से अधिक फर्जी और किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 05 मोबाइल फोन, 01 टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, 02 चेकबुक और 12 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या स्वयं को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के दबाव में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।








