गाजीपुर थाने से जुड़े कथित रिश्वत प्रकरण में विभाग की कार्रवाई, प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर निलंबन; आगे की जांच जारी
✍️ मोहित चक्रवर्ती | फतेहपुर
फतेहपुर। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर उठे सवालों के बीच गाजीपुर थाने से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। शिकायत की जांच के बाद महिला पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। फतेहपुर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी जाफरगंज की जांच में महिला कर्मी प्रथम दृष्टया दोषी पाई गईं, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
दरअसल, गाजीपुर थाने से जुड़े एक प्रकरण में महिला सिपाही सारिका पर 4,500 रुपये ऑनलाइन लेने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता का दावा था कि महिला और उसके मित्र से जुड़े मामले में युवक को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की कथित धमकी देकर रुपये लिए गए थे। इस शिकायत के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। क्षेत्राधिकारी जाफरगंज की जांच में महिला कर्मी को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी की भूमिका पर भी निगाहें
इस प्रकरण में गाजीपुर थाना प्रभारी विनोद पटेल की भूमिका को लेकर भी शिकायतकर्ता की ओर से सवाल उठाए गए थे। हालांकि, पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में थाना प्रभारी के विरुद्ध किसी कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया है।
अब देखना होगा कि विभागीय जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं पर पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।
India Varta News: पुलिस विभाग की जवाबदेही और निष्पक्ष जांच को लेकर इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी रहेगी।








