
नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार राजपाल यादव, जो पिछले कुछ दिनों से 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे, उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सोमवार (16 फरवरी 2026) को उनकी सजा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित करते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है।
क्यों और कैसे शुरू हुआ कर्ज का यह सिलसिला?
राजपाल यादव के ‘फर्श से अर्श’ और फिर कानूनी पचड़ों में फंसने की कहानी साल 2010 में शुरू हुई थी।
निर्देशन का सपना: राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लपाता’ बनाने का फैसला किया था।
5 करोड़ का कर्ज: इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने दिल्ली की कंपनी ‘मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स’ से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
फिल्म फ्लॉप, ब्याज टॉप: साल 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही। कर्ज न चुका पाने के कारण ब्याज और पेनाल्टी बढ़ती गई और 5 करोड़ की राशि अब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
करोड़ों कमाने के बावजूद क्यों नहीं चुका पाए कर्ज?
सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में यह सवाल चर्चा का विषय है कि साल में 7-8 करोड़ रुपये कमाने वाले राजपाल यह कर्ज क्यों नहीं चुका सके?
बढ़ता ब्याज और अदालती चक्कर: जानकारों के मुताबिक, लंबे समय तक चले कानूनी विवाद और भारी चक्रवृद्धि ब्याज ने कर्ज की राशि को इतना बड़ा बना दिया कि वह उनकी मौजूदा कमाई से बाहर होता गया।
गलत वित्तीय प्रबंधन: कोर्ट में उन्होंने कई बार पैसे चुकाने का वादा किया लेकिन समय पर किश्तें न दे पाने के कारण उन पर ‘कोर्ट की अवमानना’ और ‘चेक बाउंस’ के केस मजबूत होते गए।
जमानत मिलने की मुख्य वजह
अदालत ने राजपाल यादव को 1.5 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जमा करने की शर्त पर राहत दी।
भतीजी की शादी: अभिनेता ने अपनी भतीजी की शादी (19 फरवरी) में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर जमानत मांगी थी।
आंशिक भुगतान: उन्होंने अदालत में 1.5 करोड़ रुपये जमा किए, जिसके बाद न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने उन्हें 18 मार्च तक की अंतरिम राहत दी।
इंडस्ट्री का साथ: प्रियदर्शन और सलमान आए आगे
मुसीबत के इस समय में फिल्म जगत राजपाल के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
निर्देशक प्रियदर्शन ने उनकी फीस बढ़ाने का फैसला किया है ताकि वह कर्ज चुका सकें।
खबरों के अनुसार, सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे सितारों ने भी उन्हें नैतिक और वित्तीय समर्थन देने की बात कही है।
अदालत की चेतावनी: हाई कोर्ट ने साफ किया है कि यदि राजपाल यादव भविष्य में भुगतान की शर्तों का उल्लंघन करते हैं या अगली सुनवाई (18 मार्च) पर पेश नहीं होते, तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।








