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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और विशेषकर ‘आपदा मित्रों’ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी घोषणा की है। प्रदेश में वर्तमान में चल रही 45,000 होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया में अब उन युवाओं को वरीयता दी जाएगी, जो पहले से ही ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित हैं और समाज की सेवा कर रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में मिलेगा अनुभव का लाभ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य अनुशासित और आपदा प्रबंधन में सक्षम बल तैयार करना है। उन्होंने कहा, “प्रदेश में वर्तमान में 45,000 होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। हम लोगों ने तय किया है कि इस भर्ती में जो ‘आपदा मित्र’ हैं, उनको प्राथमिकता देंगे।”
इस निर्णय से न केवल भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि होमगार्ड विभाग को ऐसे जवान मिलेंगे जो आपातकालीन स्थितियों और रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले से ही निपुण हैं।
कौन हैं ‘आपदा मित्र’ और उन्हें क्यों मिला लाभ?
‘आपदा मित्र’ योजना के तहत सरकार उन स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करती है जो बाढ़, भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय सबसे पहले मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करते हैं।
कौशल विकास: इन युवाओं के पास पहले से ही प्राथमिक चिकित्सा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण होता है।
सुरक्षा तंत्र को मजबूती: होमगार्ड में इनकी भर्ती से यूपी का आंतरिक सुरक्षा और राहत तंत्र अधिक मजबूत होगा।
45,000 पदों पर चल रही है प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में लंबे समय बाद इतने बड़े पैमाने पर भर्तियां हो रही हैं। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद अब भर्ती के नियमों और वेटेज (Weightage) प्रणाली में आपदा मित्रों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े जाएंगे।
रोजगार का नया अवसर: इस फैसले से उन हजारों युवाओं में खुशी की लहर है जो आपदा मित्र के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और एक स्थायी रोजगार की तलाश में थे।








