
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता को आपदा के समय त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य किसी भी दैवीय आपदा की स्थिति में पीड़ित परिवारों तक मात्र 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता पहुँचाना है।
तकनीक और तत्परता से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा आने पर पीड़ित को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “कोई भी आपदा आती है, हमारा प्रयास होता है कि 24 घंटे में पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए।” इसके लिए डिजिटल माध्यम और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है ताकि राहत राशि बिना किसी बिचौलिये के सीधे जरूरतमंद तक पहुँचे।
बजट 2025-26: आपदा प्रबंधन के लिए ₹876 करोड़
सरकार ने केवल वादे ही नहीं किए, बल्कि इसके लिए भारी-भरकम बजट का भी इंतजाम किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए:
राज्य आपदा मोचक निधि (SDRF): कुल ₹876 करोड़ की राशि आवंटित की गई है।
इस राशि का उपयोग बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किया जाएगा।
संवेदनशीलता और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री के इस कदम को प्रदेश में ‘डिजास्टर मैनेजमेंट’ (Disaster Management) के क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
तत्काल सर्वे: जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि आपदा के तुरंत बाद नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजी जाए।
पारदर्शिता: पीड़ित के बैंक खाते में सीधे पैसा पहुंचने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।
मुख्य आकर्षण:
लक्ष्य: आपदा के 24 घंटे के भीतर आर्थिक मदद।
बजट: ₹876 करोड़ (वर्ष 2025-26 के लिए)।
माध्यम: सीधा बैंक हस्तांतरण (DBT)।








