
अयोध्या। रामनगरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) समिट को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है। समिट के विरोध में विपक्ष द्वारा किए गए प्रदर्शन से आक्रोशित भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस स्थित अपने पुराने कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की।
राहुल गांधी के ‘इशारे’ पर प्रदर्शन का आरोप
भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस में एकत्र होकर “राहुल गांधी मुर्दाबाद” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अयोध्या में हो रहे इस ऐतिहासिक सम्मेलन के विरोध के पीछे राहुल गांधी का हाथ है।
कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह सुनियोजित था।
इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाना है।
सैकड़ों देशों के प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हो रहे हैं, ऐसे में विरोध प्रदर्शन देश के विकास के खिलाफ है।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
पुतला दहन के दौरान युवा मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में बाधा डालने वाली ताकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने कहा कि यदि भविष्य में विकास कार्यों या ऐसे वैश्विक सम्मेलनों के खिलाफ कोई भी प्रदर्शन किया गया, तो भाजपा युवा मोर्चा इससे भी अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
अंतरराष्ट्रीय छवि पर आंच की चिंता
भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि अयोध्या अब न केवल धार्मिक बल्कि तकनीकी और आर्थिक हब के रूप में उभर रही है। ऐसे में AI समिट का विरोध करना यह दर्शाता है कि विपक्ष देश की प्रगति से खुश नहीं है।
“जब दुनिया के दिग्गज देश भारत की तकनीक और क्षमता को देखने अयोध्या आ रहे हैं, तब कांग्रेस और विपक्ष के इशारे पर किया गया यह प्रदर्शन शर्मनाक है। यह सीधे तौर पर देश की छवि को धूमिल करने की साजिश है।” — भाजपा युवा मोर्चा प्रतिनिधि








