
नसीराबाद, रायबरेली। स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न बाजारों और चौराहों पर इन दिनों सिगरेट और गुटखा की खुलेआम कालाबाजारी का खेल चल रहा है। थोक विक्रेताओं की मनमानी और प्रशासन की चुप्पी के चलते फुटकर दुकानदार ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
थोक विक्रेताओं पर मनमानी का आरोप
क्षेत्र के छोटे दुकानदारों का आरोप है कि थोक विक्रेताओं द्वारा बाजार में माल की आपूर्ति जानबूझकर कम की जा रही है। फुटकर विक्रेताओं को सामान ऊँची दरों पर दिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से कहीं अधिक दाम पर माल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रिंट रेट से 40% तक महंगी बिक रही सिगरेट
कालाबाजारी का आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर मुख्य चौराहों तक सामान की कीमतें आसमान छू रही हैं:
गुटखा: 5 रुपये वाला गुटखा पाउच अब 7 रुपये की दर से बेचा जा रहा है।
सिगरेट: 65 रुपये के प्रिंट रेट वाला कैप्टन सिगरेट का पैकेट 90 रुपये तक में धड़ल्ले से बिक रहा है।
प्रभावित क्षेत्र: नगर पंचायत नसीराबाद सहित छतोह, धरई, बभनपुर, परैया नमकसार और गांधी नगर जैसे प्रमुख चौराहों पर यह अवैध वसूली जारी है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
कुछ दुकानदार माल को छिपाकर बेच रहे हैं, तो कुछ बेखौफ होकर खुलेआम अधिक दाम वसूल रहे हैं। इस लूट के बावजूद स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की चुप्पी क्षेत्र में संदेह पैदा कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की, तो बड़े व्यापारी दिन-दहाड़े जनता को लूटकर अपनी तिजोरियां भरते रहेंगे।
इलाके के नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।








