गाजियाबाद: आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ गाजियाबाद फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी स्ट्राइक की है। विभाग ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी पनीर जब्त किया और उसे तुरंत नष्ट करने के लिए जमीन में गहरा गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया।
केमिकल और पाउडर का ‘खतरनाक’ खेल
जांच में सामने आया कि यह पनीर दूध से नहीं, बल्कि घातक तत्वों के मिश्रण से बनाया गया था। जब्त किए गए 1200 किलो पनीर को तैयार करने में इन चीजों का इस्तेमाल हो रहा था:
मिल्क पाउडर: घटिया क्वालिटी के सूखे दूध का इस्तेमाल।
रिफाइंड ऑयल: पनीर को चिकना और वजनदार बनाने के लिए भारी मात्रा में रिफाइंड।
केमिकल मिश्रण: पनीर को सफेद और सख्त बनाए रखने के लिए अन्य मिलावटी पदार्थों का प्रयोग।
अलीगढ़ की ‘मां जगदंबा डेयरी’ से जुड़ा कनेक्शन
फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने खुलासा किया कि यह मिलावटी खेप अलीगढ़ की मां जगदंबा डेयरी से सप्लाई की जा रही थी। यह डेयरी आसपास के कई जिलों में मिलावटी पनीर की सप्लाई का मुख्य केंद्र बनी हुई थी। गाजियाबाद के रास्ते इसे अन्य जिलों में भी खपाने की तैयारी थी।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह पनीर मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता था, जिससे लिवर और पेट की गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
“जनता के स्वास्थ्य से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावटखोरों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और रासुका जैसी कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।” — खाद्य सुरक्षा विभाग अधिकारी
प्रमुख बिंदु:
कुल जब्ती: 1200 किलो मिलावटी पनीर।
कार्रवाई: पनीर को जेसीबी से गड्ढा खोदकर जमीन में दबवाया गया।
मुख्य केंद्र: अलीगढ़ की मां जगदंबा डेयरी।
टारगेट: गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के जिले।








