लखनऊ | 26 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ई-ऑफिस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी महीने में एक बार भी ई-ऑफिस लॉगिन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ वेतन रोकने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल गवर्नेंस पर जोर: तहसील और ब्लॉक तक अनिवार्य होगा ई-ऑफिस
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही सभी तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों को ई-ऑफिस से लैस किया जाए। उन्होंने फाइलों के संचालन को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित करने और इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण व आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बालिका शिक्षा और सुरक्षा: 5 मार्च की समयसीमा तय
सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बालिका शौचालयों के निर्माण को लेकर मुख्य सचिव ने सख्त डेडलाइन तय की है।
अंतिम तिथि: 5 मार्च तक सभी विद्यालयों (राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त) में बालिका शौचालय का निर्माण पूर्ण होना चाहिए।
पोर्टल पर अपडेट: निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसकी सूचना अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड की जाए।
स्पोर्ट्स हब बनेगा उत्तर प्रदेश: 10 मंडलों में खुलेंगे स्पोर्ट्स कॉलेज
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार ने बड़े विजन पर काम शुरू किया है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: अयोध्या, बरेली, आगरा, मीरजापुर, देवीपाटन, झांसी, बस्ती, मुरादाबाद, मेरठ और अलीगढ़ मंडलों में 50-50 एकड़ भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
ये कॉलेज ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित होंगे और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से संबद्ध किए जाएंगे।
भर्ती और बुनियादी ढांचे में तेजी
मुख्य सचिव ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया को समय-सारिणी के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही ‘पंचायत उत्सव भवन’ के निर्माण में तेजी लाने और लंबित निविदाओं (Tenders) को तत्काल निपटाने पर बल दिया।








