लखनऊ/फतेहपुर। उत्तर प्रदेश शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए फतेहपुर जनपद के निवासी और आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी लोक्खर शुक्ला उर्फ शिव शंकर शुक्ला की शेष सजा को माफ (परिहार) करने का आदेश जारी किया है। भारत के संविधान के अनुच्छेद-161 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए शासन ने यह कदम बंदी के जेल में संतोषजनक आचरण को देखते हुए उठाया है।
16 साल से अधिक की सजा काट चुका है बंदी
जानकारी के अनुसार, जनपद फतेहपुर के थाना असोथर अंतर्गत ग्राम कुसुम्भी निवासी लोक्खर शुक्ला (बंदी संख्या 263/2022) वर्तमान में केन्द्रीय कारागार नैनी, प्रयागराज में निरुद्ध है। उसे वर्ष 2011 में धारा 302 (हत्या) और आर्म्स एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
अपरिहार सजा: 16 वर्ष 9 माह 18 दिन।
सपरिहार सजा (छूट मिलाकर): 19 वर्ष 5 माह 3 दिन।
न्यायालयों ने बरकरार रखा था दंडादेश
लोक्खर शुक्ला को सत्र न्यायालय द्वारा 20 अप्रैल 2011 को सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय (2018) और उच्चतम न्यायालय (2022) ने भी यथावत रखा था। हालांकि, लंबी सजा काटने और जेल में बेहतर व्यवहार के आधार पर अब शासन ने उसे रिहा करने का निर्णय लिया है।
रिहाई की शर्तें
कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-2 द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि:
बंदी को शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट, फतेहपुर की संतुष्टि के अनुसार दो जमानतें और उतनी ही धनराशि का एक निजी मुचलका जमा करना होगा।
यदि बंदी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल रिहा कर दिया जाए।









