नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में रसोई गैस (LPG) और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है और घबराने (Panic) की कोई आवश्यकता नहीं है।
ऐतिहासिक संकट, पर भारत सुरक्षित
हरदीप सिंह पुरी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा के इतिहास में दुनिया ने ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने बताया कि इतिहास में पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को वाणिज्यिक शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि इस संघर्ष में भारत की कोई भूमिका नहीं है, लेकिन इसके परिणामों से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। भारत वर्तमान में 40 देशों से कच्चा तेल (Crude Oil) खरीद रहा है।
LPG उत्पादन में 28% का बड़ा उछाल
गैस सिलेंडरों की किल्लत की खबरों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा:
“पिछले पांच दिनों में रिफाइनरी निर्देशों के जरिए LPG का उत्पादन 28% बढ़ा दिया गया है। हमारी प्राथमिकता 33 करोड़ परिवारों, विशेषकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई को सुरक्षित रखना है। घरेलू सप्लाई और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है।”
सप्लाई चेन का विविधीकरण (Diversification)
भारत ने अपनी निर्भरता को केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रखा है। मंत्री ने जानकारी दी कि अब गैस और तेल की खरीद को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है। अब भारत इन देशों से कार्गो मंगा रहा है:
अमेरिका (USA)
नॉर्वे
कनाडा
अल्जीरिया
रूस
इंडस्ट्री और घरों के लिए बिजली सुरक्षित
मंत्री पुरी ने स्पष्ट किया कि बड़े LNG कार्गो रोजाना वैकल्पिक रास्तों से भारत पहुंच रहे हैं। भारत के पास गैस उत्पादन और आपूर्ति के इतने पुख्ता इंतजाम हैं कि यदि युद्ध लंबे समय तक भी चलता है, तब भी देश के घरों और उद्योगों के लिए बिजली का उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।
मुख्य बातें एक नजर में:
सप्लाई: भारत 40 देशों से कच्चा तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी कर रहा है।
उत्पादन: घरेलू मांग पूरी करने के लिए LPG प्रोडक्शन में 28% की बढ़ोतरी।
भरोसा: 33 करोड़ परिवारों को बिना बाधा सिलेंडर मिलता रहेगा।
सुरक्षा: होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बावजूद वैकल्पिक रास्तों से आ रहे हैं कार्गो।








