गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जहाँ एक तरफ जनता समस्याओं से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ रसूखदार ‘आपदा में अवसर’ तलाश कर आम आदमी की जेब काटने में लगे हैं। जिला प्रशासन ने ऐसे ही दो गैस एजेंसी मालिकों पर कड़ा शिकंजा कसा है।
पहली कार्रवाई: 2000 रुपये में सिलेंडर बेचने वाले पवन वर्मा को भेजा जेल
पीपीगंज स्थित ‘आशीष इण्डेन गैस सर्विस’ के मालिक पवन वर्मा पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। आरोप है कि पवन वर्मा आपदा की स्थिति का फायदा उठाते हुए एक गैस सिलेंडर को 2,000 रुपये की भारी-भरकम कीमत पर बेच रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है और संबंधित गैस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
दूसरी कार्रवाई: घटतौली और ओवररेटिंग पर कन्हैया वर्मा पर FIR
इसी क्रम में नौसढ़ स्थित एक अन्य गैस एजेंसी के मालिक कन्हैया वर्मा पर भी प्रशासन का चाबुक चला है। कन्हैया वर्मा पर गैस की घटतौली (कम गैस देना), अवैध भंडारण और ओवररेटिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंडिया वार्ता न्यूज़ की अपील: चुप न रहें, एक्सपोज़ करें!
ऐसे घोटालेबाज और भ्रष्टाचारी समाज के लिए कलंक हैं। ‘इंडिया वार्ता न्यूज़’ के संपादक मोहित चक्रवर्ती सभी पाठकों और क्षेत्रवासियों से अपील करते हैं कि:
वीडियो बनाएं: अगर कोई भी गैस एजेंसी या ट्रॉलीमैन आपसे तय कीमत से ज्यादा पैसा मांगता है, तो तुरंत उसका वीडियो रिकॉर्ड करें।
साक्ष्य जुटाएं: अवैध वसूली की वॉयस रिकॉर्डिंग करें।
शिकायत दर्ज करें: इन साक्ष्यों को जिलाधिकारी (DM) और मुख्यमंत्री (CM) को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए भेजें।
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में इंडिया वार्ता न्यूज़ आपके साथ है। अपनी शिकायत या जानकारी हमें भेजें।








