नसीराबाद/रायबरेली। नसीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे सत्यनारायण (मजरे बिरनाव) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास मुकेशानंद महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रोताओं को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भागवत कथा केवल श्रवण मात्र नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से एकाकार करने का माध्यम है।
कथा प्रसंग: राजा परीक्षित का जन्म और सृष्टि का रहस्य
कथा के दूसरे दिन महाराज श्री ने राजा परीक्षित के जन्म, शुकदेव मुनि के आगमन, नारद-व्यास संवाद और सृष्टि प्रकरण की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार शुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को मोक्ष की राह दिखाई। कथा के माध्यम से संदेश दिया गया कि मनुष्य को अपने जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को आत्मसात करना चाहिए।
सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठने का संदेश
मुकेशानंद महाराज ने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुखों और सांसारिक मोह-माया में उलझकर अपने मूल लक्ष्य को भूल गया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
“भगवान की भक्ति ही वह एकमात्र मार्ग है जो मनुष्य को मानसिक शांति और शाश्वत आनंद प्रदान कर सकती है। हमें अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर ईश्वर के चरणों में ध्यान लगाना चाहिए।”
भजनों की प्रस्तुति पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान प्रख्यात संगीत टोली ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी। संगीत की मधुर लहरियों और प्रसंगों के अनुसार गाए गए भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भजनों पर झूमते और जयकारे लगाते नजर आए।
आरती और प्रसाद वितरण
कथा के अंत में मुख्य यजमान जगदंबा प्रसाद तिवारी एवं श्रीमती राजेश्वरी तिवारी ने सपरिवार श्रीमद्भागवत भगवान की विधि-विधान से आरती उतारी। इसके उपरांत उपस्थित सैकड़ों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।








