✍️ आदर्श सिंह असोथर
असोथर/फतेहपुर। ‘विद्यालय समुदाय की धरोहर हैं और बच्चे राष्ट्र के निर्माता, आइए मिलकर इन्हें सवारें’—इसी संकल्प के साथ असोथर ब्लॉक सभागार में प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधानों की एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में बेसिक शिक्षा के कायाकल्प, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति और डीबीटी (DBT) प्रक्रिया को सफल बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य अतिथि का स्वागत और विजन
कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी गौरव कुमार मिश्र ने नगर पंचायत असोथर के चेयरमैन नीरज सिंह सेंगर और उपस्थित ग्राम प्रधानों का माल्यार्पण कर स्वागत के साथ किया। शिक्षा अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि विद्यालयों को समुदाय की पहली पसंद के रूप में विकसित करना आज के समय की मांग है। उन्होंने प्रधानों से अपेक्षा की कि वे छात्रों की मूलभूत आवश्यकताओं और शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने में अपना पूर्ण सहयोग दें।
विशेषज्ञों ने दिए सफलता के मंत्र
कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों ने शासन की योजनाओं पर प्रकाश डाला:
निपुण भारत मिशन: एआरपी ललतेश त्रिवेदी ने प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने और निपुण लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया।
ऑपरेशन कायाकल्प: संदीप यादव ने विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और कायाकल्प के प्रभावी तरीके सुझाए।
डीबीटी और डिजिटल इंडिया: विक्रम सिंह ने डीबीटी प्रक्रिया की बारीकियों को समझाया, वहीं प्रभात गुप्ता (CIT) ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और तकनीक के उपयोग पर फोकस किया।
सम्मान और सहभागिता
खंड शिक्षा अधिकारी ने नगर पंचायत चेयरमैन और उन ग्राम प्रधानों का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने पूर्व में विद्यालयों में उल्लेखनीय कार्य कराए हैं। वरिष्ठ शिक्षक जनार्दन त्रिपाठी ने सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के कार्यकाल को गौरवपूर्ण बताते हुए उनकी सराहना की।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से दतौली प्रधान राजा सिंह, कोर्राकनक प्रधान कुंदनलाल शर्मा, करैहा प्रधान प्रतिनिधि मनोज निषाद सहित असोथर के सभासद और शिक्षक मुकेश सिंह, दिलीप सिंह, प्रमोद शुक्ला, श्रीराम चक्रपाणि पाण्डेय, प्रवीण अग्निहोत्री, कुलदीप बाजपेयी, उमाशंकर शुक्ला, धरमचंद्र द्विवेदी, कुसुम कुमारी, संगीता मौर्या सहित सैकड़ों प्रधान और शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक आशीष कुमार त्रिपाठी द्वारा किया गया।








