रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी (ब्यूरो चीफ, कानपुर)
कानपुर नगर | 1 अप्रैल, 2026
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश करते हुए जनपद कानपुर नगर के कंपोजिट विद्यालय बेनाझाबर में बुधवार को तीन महत्वपूर्ण अभियानों का संयुक्त आगाज किया गया। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर “अखबार पढ़ो अभियान”, “स्कूल चलो अभियान” तथा “संचारी रोग नियंत्रण अभियान” का शुभारंभ किया।

‘अखबार पढ़ो अभियान’: छात्र बनेंगे देश-दुनिया के जानकार
इस अभिनव पहल के तहत अब जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चे केवल पाठ्यपुस्तकें ही नहीं, बल्कि हिंदी और अंग्रेजी के प्रमुख समाचार पत्र भी पढ़ेंगे।
उद्देश्य: बच्चों में भाषा की समझ, सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों पर पकड़ मजबूत करना।
गतिविधियाँ: छात्र अखबार की कतरनों का संग्रह करेंगे, उन पर आधारित क्विज प्रतियोगिताओं और चर्चा सत्रों में भाग लेंगे।
मिसाल: कार्यक्रम के दौरान कक्षा 2 की छात्रा एल्जीमा (कंपोजिट विद्यालय मसवानपुर) ने ईरान-अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की खबर पढ़कर सभी को हैरान कर दिया।
स्कूल चलो अभियान: कोई बच्चा न छूटे इस बार
मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने जोर दिया कि “स्कूल चलो अभियान” का लक्ष्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। जिलाधिकारी ने स्वयं ऐश्वर्या और प्रिंस नामक दो बच्चों का नया नामांकन कर उन्हें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। पिछले वर्ष बेहतर नामांकन करने वाले 8 शिक्षकों को इस अवसर पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
संचारी रोग नियंत्रण: स्वच्छता ही बचाव
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिदत्त नेमी ने संचारी रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार) से बचाव के तरीके बताए। उन्होंने अपील की कि साफ पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाकर बीमारियों को हराया जा सकता है। जागरूकता फैलाने के लिए एक एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार राय, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह, डीपीआरओ मनोज कुमार सहित शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी का संदेश: “अखबार बच्चों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाता है। यह उन्हें अपने शहर से लेकर दुनिया तक की संस्कृति, विज्ञान और अर्थव्यवस्था से जोड़ता है। हर विद्यालय में यह आदत विकसित की जाएगी।”









