नई दिल्ली: भारतीय कला के इतिहास में कल एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। दिल्ली में आयोजित सैफ्रनआर्ट (Saffronart) की नीलामी में प्रसिद्ध चित्रकार राजा रवि वर्मा द्वारा बनाई गई ‘यशोदा और कृष्ण’ की ऐतिहासिक पेंटिंग ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यह कृति 167 करोड़ रुपए में नीलाम हुई है, जो किसी भी भारतीय कलाकृति के लिए अब तक की सबसे अधिक कीमत है।
डॉ. साइरस पूनावाला ने बनाई सबसे बड़ी बोली
इस दुर्लभ पेंटिंग को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक डॉ. साइरस पूनावाला ने खरीदा है। कला के पारखी पूनावाला की इस बोली ने भारतीय पेंटिंग को वैश्विक स्तर पर एक नई ऊंचाई प्रदान की है। अब यह पेंटिंग आधिकारिक तौर पर भारतीय कला के इतिहास में बिकने वाली सबसे महंगी पेंटिंग बन गई है।
1890 के दशक की है यह कालजयी कृति
राजा रवि वर्मा द्वारा 1890 के दशक में तैयार की गई यह पेंटिंग वात्सल्य और भक्ति का अद्भुत संगम है। इसमें माता यशोदा और भगवान श्री कृष्ण के दिव्य प्रेम को बड़ी ही बारीकी से उकेरा गया है। राजा रवि वर्मा अपनी चित्रकारी में यूरोपीय तकनीक और भारतीय संवेदनाओं के मेल के लिए जाने जाते हैं, और यह पेंटिंग उनकी इसी शैली का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण मानी जाती है।
नीलामी ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
दिल्ली में हुई इस नीलामी पर देशभर के कला प्रेमियों और निवेशकों की नजरें टिकी थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ नीलामी से भारतीय क्लासिकल आर्ट की वैल्यू में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ा उछाल आएगा।








