फतेहपुर/गाजीपुर।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के गाजीपुर कस्बे में रविवार को कथित धर्मांतरण की शिकायत के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस ने प्राप्त तहरीर और प्रारंभिक छानबीन के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मांगलिक के कड़े रुख के बाद प्रशासन ने इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच तेज कर दी है।
बजरंग दल की सूचना पर हरकत में आया प्रशासन
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को गाजीपुर कस्बे के एक निजी आवास पर धार्मिक गतिविधियों की आड़ में कथित रूप से धर्मांतरण कराए जाने की भनक हिंदू संगठनों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को लगी। कार्यकर्ताओं द्वारा इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। मामला संवेदनशील होने के कारण सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विनोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर उपलब्ध कुछ सामग्री और साहित्य को पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया।
तहरीर के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा, साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में शिकायतकर्ता ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों को प्रलोभन देकर धार्मिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब सभी वैज्ञानिक और मौखिक साक्ष्यों को टटोलने में जुट गई है।
विवेचना के दौरान पुलिस इस मुख्य बिंदु की जांच कर रही है कि क्या वाकई वहां किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन अथवा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम का उल्लंघन हुआ है। अधिकारियों का साफ कहना है कि अंतिम निष्कर्ष पूरी विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक का सख्त निर्देश: निष्पक्ष हो जांच
पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मातहत अधिकारियों को निष्पक्षता से काम करने के निर्देश दिए हैं। एसपी के निर्देशन में पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट सूचनाओं को प्रसारित न करने की सख्त हिदायत दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल है प्रकरण
मुकदमा दर्ज होने के बाद से यह प्रकरण पूरे फतेहपुर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना से जुड़े वीडियो और दावे वायरल हो रहे हैं। हालांकि, जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया की खबरों के इतर केवल आधिकारिक और निष्पक्ष जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।








