रिपोर्ट: सत्येंद्र वर्मा
फतेहपुर। विकास खंड तेलियानी के ग्राम बकंधा में मोहर्रम की पांचवीं श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और कर्बला के शहीदों को याद कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।
सुबह से ही मस्जिदों और इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन हुआ, जहां उलेमाओं ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डालते हुए इंसानियत, भाईचारे और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। दोपहर बाद ताजियों और अलम की सजावट पूरी होने के बाद धार्मिक कार्यक्रमों में तेजी आई।
शाम को निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। “या हुसैन” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर शर्बत और पानी की सबीलें लगाई गईं, जहां श्रद्धालुओं की सेवा की गई। महिलाओं ने भी घरों में विशेष इबादत कर मोहर्रम की रस्में अदा कीं।
इस दौरान पारंपरिक अखाड़ों द्वारा लाठी, तलवार एवं अन्य हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
वक्ताओं ने कहा कि कर्बला की कुर्बानी अन्याय के खिलाफ संघर्ष, सत्य और न्याय की राह पर चलने तथा मानवता की सेवा का संदेश देती है। कार्यक्रम के अंत में देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि बकंधा में मोहर्रम की परंपरा वर्षों पुरानी है और हर वर्ष बड़ी श्रद्धा के साथ इसका आयोजन किया जाता है। मोहर्रम की पांचवीं का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।








