फतेहपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को फतेहपुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और मशाल जुलूस निकाले गए। ललौली क्षेत्र में गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक के नेतृत्व में महिलाओं और छात्राओं ने मशाल जुलूस निकाला, जबकि शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
ललौली में हेमलता पटेल के नेतृत्व में मशाल जुलूस
ललौली क्षेत्र में गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में महिलाओं, छात्राओं और युवाओं ने बहुआ-गाजीपुर मार्ग पर मशाल जुलूस निकालकर दिल्ली की घटना के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।
हेमलता पटेल ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और छात्राओं के साथ पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, कथित पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग तथा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग उठाई।
इस अवसर पर सुमन, रेखा, रंजना, सुधा, रानी, राजरानी, राजकुमारी, प्रीति, प्रियंका, विमला, सतून, आमना, कम्मो, शिवा, कुलदीप, विनय, सुमित सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
शहर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने जुलूस रोका
उधर फतेहपुर शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकालने का प्रयास किया। अटल तिराहे के पास पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जुलूस को रोक दिया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान कांग्रेस नेता शिवाकांत तिवारी को पुलिस ने हिरासत में लेकर सदर कोतवाली पहुंचाया। बाद में समर्थकों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति नियंत्रण में रही।
शिवाकांत तिवारी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
पुलिस का पक्ष
समाचार लिखे जाने तक फतेहपुर पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अस्वीकरण: इस समाचार में प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोप उनके बयानों पर आधारित हैं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच एवं पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही मानी जाएगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का अधिकार है, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।








