फतेहपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात शुरू होते ही विकास कार्यों की स्थिति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। कई गांवों में जलभराव, जल निकासी की समस्या और जर्जर सड़कों के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विजयीपुर विकासखंड के जलंधरपुर, महोलीडेरा, पिपरहा डेरा, असहट, गढ़ीवा और मझगवां सहित अनेक गांवों में मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान गांवों की गलियां कीचड़ और गंदे पानी से भर जाती हैं, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांवों के विकास के लिए हर वर्ष विभिन्न योजनाओं के माध्यम से धनराशि खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि जल निकासी, सड़क और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं आज भी कई ग्राम पंचायतों में पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं। उन्होंने ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों एवं खर्च की गई धनराशि की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ग्रामीणों का दावा है कि फतेहपुर की बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें इसी प्रकार की समस्याओं से जूझ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
बरसात के मौसम में सामने आई इन समस्याओं ने ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।








