मलवां विस्फोट की गुत्थी बरकरार, मलबे से तलाशे जा रहे धमाके के सुराग

 

सिलेंडर से लेकर पटाखे, ज्वलनशील पदार्थ और अन्य संभावित कारणों पर जांच; पांच मौतों के बाद बढ़ी प्रशासन की सक्रियता

मलवां/फतेहपुर। मलवां कस्बे में 28 सितंबर की शाम हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके के बाद मकान के मलबे में तब्दील होने और एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान विस्फोट की असली वजह पता लगाने पर है। घटनास्थल से जुटाए जा रहे अवशेषों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी तीव्रता का धमाका किस कारण हुआ।

घटना के बाद शुरुआती तौर पर गैस सिलेंडर को संभावित वजह माना गया था, लेकिन जांच के दौरान अन्य पहलुओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। मौके से मिले अवशेषों, मकान में मौजूद सामान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है। फिलहाल किसी एक कारण को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।

बताया गया कि 28 सितंबर की शाम करीब पांच बजे मलवां कस्बे में पन्नालाल गुप्ता के पुत्र सुरेश गुप्ता और रोहित गुप्ता के मकान में अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि मकान देखते ही देखते मलबे में बदल गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

हादसे में चार लोगों की मौत हुई, जबकि उपचार के दौरान एक अन्य व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया। पांच मौतों के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान कोटिया गंगा घाट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई।

पटाखे और अन्य ज्वलनशील पदार्थ भी जांच के दायरे में

विस्फोट के बाद परिवार के कारोबार और मकान में रखे सामान को लेकर भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि परिवार फल और किराना कारोबार से जुड़ा था तथा त्योहारों के दौरान पटाखों का कारोबार किए जाने की भी चर्चा है। पूर्व में पटाखे अथवा बारूद से संबंधित कार्रवाई की बात भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन तथ्यों और मौजूदा विस्फोट के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी तरह फलों को पकाने में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों समेत घर में मौजूद संभावित ज्वलनशील सामग्री को लेकर भी जांच की जा रही है। स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे विभिन्न दावों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मलबे से जुटाए जा रहे अहम साक्ष्य

घटनास्थल पर जांच एजेंसियां मलबे को खंगालकर विस्फोट के केंद्र और उसकी दिशा का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। गैस सिलेंडर के अवशेषों के साथ-साथ सौर ऊर्जा सिस्टम की क्षतिग्रस्त बैटरियों समेत अन्य सामान भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा कथित गंध महसूस किए जाने की बातें भी सामने आई हैं, लेकिन इसकी वैज्ञानिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से मिले नमूने और अवशेष सुरक्षित कर रही है। विशेषज्ञ यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि धमाका कहां से शुरू हुआ, इसकी तीव्रता कितनी थी और मकान के अचानक ढहने के पीछे कौन-से कारक जिम्मेदार रहे।

जांच रिपोर्ट से खुलेगा मौतों का राज

मलवां की घटना में पांच लोगों की जान जाने के बाद विस्फोट के कारण को लेकर कई सवाल खड़े हैं। फिलहाल सिलेंडर, ज्वलनशील पदार्थ, पटाखे अथवा अन्य संभावित कारणों में से किसी को अंतिम वजह नहीं माना गया है। पुलिस और विशेषज्ञ टीमों की जांच तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

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Author: India Varta News

Mohit Chakraborty is the Founder and Editor-in-Chief of India Varta News. He is actively involved in journalism and social service from Fatehpur, Uttar Pradesh. His mission is to deliver unbiased, factual, and public-interest journalism while highlighting local, regional, and national issues. He believes that media is a powerful tool for positive social change.

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