सनातन परंपराओं और नारी शक्ति को समर्पित रहा ‘उत्सव-ए-डांडिया’, गरबा की थाप पर झूमीं महिलाएं
धाता/फतेहपुर। धाता नगर में 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित ‘उत्सव-ए-डांडिया’ में भारतीय संस्कृति, पारंपरिक विरासत और नारी शक्ति का आकर्षक संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गरबा और डांडिया की धुनों पर उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगीत, आकर्षक सजावट और उत्सवी माहौल के बीच महिलाओं ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।
आयोजन के दौरान सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने महिलाओं को एक साथ आकर सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने और आपसी मेलजोल बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और पारंपरिक संस्कृति के प्रति जुड़ाव का माहौल बना रहा।
सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षा सीमा केशरवानी ने कहा कि ‘उत्सव-ए-डांडिया’ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, परंपराओं और नारी शक्ति की एकजुटता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
वहीं, शिखा केशरवानी ने धाता की महिलाओं की सहभागिता और उत्साह की सराहना करते हुए उत्सव को सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बताया।
आयोजन में इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान
‘उत्सव-ए-डांडिया’ को सफल बनाने में अध्यक्षा सीमा केशरवानी, शिखा केशरवानी, दीपा केशरवानी और नीतू केशरवानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को यादगार बनाया।
रिपोर्टर प्रभारी: सत्येंद्र कुमार वर्मा, धाता







