ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अदालत का फैसला, तीन दोषियों पर 66-66 हजार रुपये का जुर्माना
फतेहपुर, 27 अक्टूबर 2026। जनपद में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वर्ष 2020 के एक हत्या से जुड़े मामले में अदालत ने चार दोषियों को दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट-02 ने तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास और प्रत्येक को 66 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, चौथे दोषी को सात वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।
2020 में बिंदकी थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, इस मामले में थाना बिंदकी में वर्ष 2020 में मुकदमा संख्या 480/2020 दर्ज किया गया था। मामले में दुर्गा सिंह, अर्जुन सिंह, अमित और सोनू राजपूत को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के बाद अदालत ने चारों को संबंधित अपराधों में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
तीन दोषियों को आजीवन कारावास
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, दुर्गा सिंह पुत्र रमेश निवासी गहना, थाना रूरा, कानपुर नगर; अर्जुन सिंह पुत्र हीरा सिंह और अमित पुत्र राम विलास निवासी कमलापुर, थाना रूरा को हत्या सहित संबंधित अपराधों में दोषी ठहराया गया। अदालत ने तीनों को सश्रम आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 66 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
वहीं, सोनू राजपूत पुत्र छत्रपाल निवासी सिंसवानार, थाना रसूलाबाद, कानपुर नगर को भारतीय दंड संहिता की धारा 413 के तहत दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी
पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश और पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले की प्रभावी पैरवी की गई। इसमें स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने समन्वय के साथ कार्य किया।
प्रेस विज्ञप्ति में अभियोजन अधिकारी अजय कुमार सिंह सहित विवेचना और पैरवी से जुड़े पुलिसकर्मियों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने फैसले को साक्ष्यों के संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया।







